ज़्यादातर बच्चे लगभग 5 या 6 साल की उम्र में शतरंज सीखना शुरू कर सकते हैं। कुछ जिज्ञासु चार साल के बच्चों को भी इसमें मज़ा आता है, और 7, 8 या 10 साल के बच्चे इसे बहुत जल्दी सीख लेते हैं। कोई एक परफ़ेक्ट उम्र नहीं होती। ज़्यादा ज़रूरी यह है कि आपका बच्चा थोड़ी देर टिककर बैठ सके, कुछ आसान नियम मान सके और छोटी-सी चुनौती का मज़ा ले सके।
इस गाइड में हम बताएँगे कि कैसे पता करें कि बच्चा तैयार है, हर उम्र में क्या सिखाएँ, और प्रैक्टिस कितनी देर होनी चाहिए। यह उन माता-पिता के लिए लिखी गई है जो ख़ुद शतरंज नहीं खेलते, इसलिए आपको शतरंज के बारे में कुछ भी पता होने की ज़रूरत नहीं।
कैसे पता करें कि बच्चा शतरंज के लिए तैयार है
उम्र तो बस एक मोटा-मोटा अंदाज़ा है। ये संकेत आपको कहीं ज़्यादा बताते हैं:
- बच्चा लगभग 15 मिनट तक बैठकर एक ही खेल खेल सकता है, जैसे कोई बोर्ड गेम या जिगसॉ पज़ल।
- वह "यह मोहरा सिर्फ़ सीधा चलता है" जैसे आसान नियम मान सकता है और अगले दिन तक उन्हें याद रखता है।
- उसे पज़ल, बिल्डिंग ब्लॉक्स या ऐसे खेल पसंद हैं जिनमें दिमाग़ लगाना पड़े।
- वह गेम हारने को, कम से कम थोड़ा-बहुत, संभाल लेता है।
- शतरंज का बोर्ड देखकर उसे जिज्ञासा होती है और वह पूछता है कि मोहरों के नाम क्या हैं।
अगर आपके बच्चे में इनमें से दो-तीन संकेत दिखते हैं, तो वह शुरू करने के लिए तैयार है। अगर नहीं, तो कुछ महीने रुकिए और फिर से कोशिश कीजिए। बहुत जल्दी शुरू करना और ज़्यादा ज़ोर डालना ही सबसे आम वजह है कि बच्चे कहने लगते हैं "मुझे शतरंज पसंद नहीं"।
4 से 5 साल: खेल-खेल में सीखना
इस उम्र में लक्ष्य मज़ा है, पूरे गेम नहीं। एक बार में एक मोहरा सिखाइए और सिर्फ़ कुछ मोहरों से छोटे-छोटे गेम खेलिए। एक पसंदीदा पहला गेम है प्यादों वाला गेम: दोनों तरफ़ सिर्फ़ प्यादे होते हैं, और जो पहले अपना प्यादा बोर्ड की दूसरी तरफ़ पहुँचा दे, वह जीतता है। इससे बच्चा सीखता है कि प्यादा कैसे चलता है और कैसे खाता है, और याद रखने को लगभग कुछ नहीं होता।
सेशन 10 या 15 मिनट के रखिए और तभी रुक जाइए जब बच्चे को अभी भी मज़ा आ रहा हो। हमारी गाइड प्यादा कैसे चलता है प्यादे के नियम आसान शब्दों में समझाती है, जिसे आप बच्चे के साथ बैठकर पढ़ सकते हैं।
6 से 8 साल: सारे नियम और पहले पूरे गेम
इस उम्र के ज़्यादातर बच्चे कुछ ही हफ़्तों में सारे मोहरे सीख लेते हैं और पूरे गेम खेलने लगते हैं। उन्हें छोटी पज़ल भी अच्छी लगती हैं, ख़ासकर वे जिनमें चेकमेट ढूँढना हो। शुरुआती क्लास जॉइन करने के लिए यह बहुत अच्छी उम्र है, क्योंकि कोच नियमों को कहानियों और खेलों में बदल सकता है, और बच्चा अपने ही स्तर के दूसरे बच्चों से मिलता है।
इस दौर में बच्चे अक्सर बहुत जल्दी-जल्दी चाल चलते हैं। शुरू से सिखाने लायक एक अच्छी आदत है हर चाल से पहले रुककर पूछना: "क्या मेरा मोहरा सुरक्षित है? क्या मैं कुछ खा सकता हूँ?"
9 से 12 साल: टैक्टिक्स, प्लान और टूर्नामेंट
9 से 12 साल के बच्चे शतरंज के असली आइडिया सीख सकते हैं: फ़ोर्क जैसी ट्रिक, आसान एंडगेम और ओपनिंग के सिद्धांत। इस उम्र में बहुत से बच्चों को दोस्ताना ऑनलाइन टूर्नामेंट में मज़ा आने लगता है। अगर आपका बच्चा 9 या 10 साल में शुरू कर रहा है, तो यह चिंता मत कीजिए कि वह "देर" से शुरू कर रहा है। बड़ी उम्र में शुरू करने वाले बच्चे अक्सर जल्दी आगे निकल आते हैं, क्योंकि वे ज़्यादा देर ध्यान लगा पाते हैं और बातें आसानी से समझ लेते हैं।
टीनएजर और बड़े: कभी देर नहीं होती
शतरंज किसी भी उम्र में सीखा जा सकता है। टीनएजर और बड़े आमतौर पर एक-दो दिन में नियम सीख लेते हैं और नियमित पज़ल और गेम से लगातार बेहतर होते जाते हैं। बहुत से माता-पिता अपने बच्चों के साथ ही सीखते हैं, जिससे घर पर प्रैक्टिस और भी मज़ेदार हो जाती है।
बच्चे को कितनी देर प्रैक्टिस करनी चाहिए?
- 4 से 5 साल: 10 से 15 मिनट, हफ़्ते में कुछ बार, हमेशा खेल की तरह।
- 6 से 8 साल: 15 से 30 मिनट, हफ़्ते में तीन-चार बार। एक लाइव क्लास और कुछ पज़ल काफ़ी हैं।
- 9 से 12 साल: 30 से 45 मिनट, ज़्यादातर दिन, जिसमें पज़ल, गेम और लेसन सब मिले-जुले हों।
शुरुआत कैसे करें
आप घर पर मुफ़्त में शुरू कर सकते हैं: कंप्यूटर के साथ गेम, रोज़ की पज़ल और शुरुआती वीडियो के साथ मुफ़्त में शतरंज सीखिए। जब आप चाहें कि कोई कोच बच्चे को सिखाए, तो फ़्री डेमो क्लास यह देखने का अच्छा तरीका है कि बच्चे को टीचर के साथ सीखने में मज़ा आता है या नहीं, वह भी बिना किसी ख़र्च के।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या 4 साल का बच्चा शतरंज सीख सकता है?
कुछ बच्चे सीख सकते हैं, अगर उन्हें खेल पसंद हैं और वे कुछ मिनट बैठ सकते हैं। एक-दो मोहरों और प्यादों वाले गेम जैसे छोटे गेम से शुरू कीजिए, और इसे छोटा और खेल जैसा रखिए।
क्या 10 साल की उम्र शतरंज शुरू करने के लिए देर है?
बिल्कुल नहीं। जो बच्चे 9 या 10 साल में शुरू करते हैं, वे अक्सर छोटे बच्चों से जल्दी सीखते हैं, क्योंकि वे ज़्यादा देर ध्यान लगा पाते हैं और बातें आसानी से समझ लेते हैं।
मुझे कैसे पता चलेगा कि मेरा बच्चा तैयार है?
अगर आपका बच्चा लगभग 15 मिनट तक कोई बोर्ड गेम खेल सकता है, आसान नियम मान सकता है और हार को थोड़ा-बहुत संभाल लेता है, तो वह शुरू करने के लिए तैयार है।
बच्चे को क्लास जॉइन करनी चाहिए या घर पर सीखना चाहिए?
दोनों तरीके काम करते हैं। बहुत से परिवार घर पर बेसिक बातों से शुरू करते हैं, और फिर क्लास जॉइन करते हैं जब बच्चा ज़्यादा चुनौती, एक तय प्लान और अपने स्तर के दोस्त चाहता है।